दिवाली के पांच दिन कौन-कौन से हैं? दिवाली 2026 की तारीखें और परंपराएं

Global Citizen By Western Union October 14, 2026

दिवाली, जिसे दीपावली या रोशनी के त्योहार के नाम से भी जाना जाता है, परिवार, उत्सव और नई शुरुआत का समय है। दुनिया भर के समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

लेकिन दिवाली केवल एक दिन का त्योहार नहीं है। परंपरागत रूप से यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है और हर दिन का अपना विशेष महत्व, रीति-रिवाज और उत्सव होते हैं।

2026 में दिवाली के पांच दिन शुक्रवार, 6 नवंबर से मंगलवार, 10 नवंबर तक होंगे, जबकि दिवाली का मुख्य दिन रविवार, 8 नवंबर को होगा।

चाहे आप भारत में हों या विदेश में, विदेशों में रहने वाले अपनों को दिवाली की शुभकामनाएँ भेज रहे हों या बस रोशनी के इस त्योहार के बारे में और जानना चाहते हों, यहाँ दिवाली के पाँच दिनों और हर दिन के महत्व के बारे में एक गाइड दी गई है।

“दिवाली उन लोगों के साथ खुशियाँ बांटने का त्योहार है जो आपके लिए मायने रखते हैं। यहां तक कि जब प्रियजन आपसे दूर हों, तब भी सोच-समझकर दिया गया उपहार आपको इस उत्सव का हिस्सा होने का एहसास करा सकता है।”

Darshan Yandigeri, Senior Analyst

– Darshan Yandigeri, Senior Analyst

2026 में दिवाली कब है?

2026 में दीवाली का मुख्य दिन रविवार, 8 नवंबर है। पांच दिवसीय उत्सव 6 नवंबर को धनतेरस के साथ शुरू होगा और 10 नवंबर को भाई दूज के साथ समाप्त होगा।

  • दिन 1: धनतेरस – शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
  • दिन 2: नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) – शनिवार, 7 नवंबर 2026
  • दिन 3: दिवाली (लक्ष्मी पूजा) – रविवार, 8 नवंबर 2026
  • दिन 4: गोवर्धन पूजा – सोमवार, 9 नवंबर 2026
  • दिन 5: भाई दूज – मंगलवार, 10 नवंबर 2026

परंपराएं और धार्मिक रीति-रिवाज परिवारों, समुदायों और क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए हर दिन को मनाने का तरीका थोड़ा भिन्न हो सकता है।

celebrating duwali

दिन 1: धनतेरस

धनतेरस पांच दिवसीय दिवाली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है और पारंपरिक रूप से इसे समृद्धि और खुशहाली से जोड़ा जाता है।

धन शब्द का अर्थ संपत्ति है, जबकि ‘तेरस’ चंद्र पक्ष के 13वें दिन को संदर्भित करता है। आज का दिन भगवान धनवंतरी और देवी लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है। इस दिन की परंपराओं में दीये जलाना और समृद्धि के प्रतीक के रूप में बर्तन, सोना या चांदी जैसी नई वस्तुएं खरीदना शामिल है।

अगर आप विदेश में रहकर त्योहार मना रहे हैं, तो धनतेरस से पहले पैसे भेजने से आपके प्रियजनों को अपनी ज़रूरत और सुविधा के अनुसार खरीदारी करने और उत्सव की तैयारियां करने में मदद मिल सकती है।

दिन 2: नरक चतुर्दशी, या छोटी दिवाली

दूसरे दिन को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है और इसे आमतौर पर छोटी दिवाली भी कहा जाता है।

यह दिन भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर पर विजय की याद दिलाता है और बुराई पर अच्छाई की जीत के दिवाली के व्यापक संदेश को दर्शाता है। इस दिन की परंपराओं में सुबह जल्दी तेल से स्नान करना और दीये जलाना शामिल हो सकता है।

दिवाली का मुख्य उत्सव अब बस एक दिन दूर है, ऐसे में उत्साह बढ़ने लगता है और घर रोशनी से जगमगाने के लिए तैयार होने लगते हैं।

दिन 3: दिवाली और लक्ष्मी पूजा

तीसरा दिन दिवाली का मुख्य दिन होता है। 2026 में यह रविवार, 8 नवंबर को है।

घरों को दीयों और अन्य रोशनियों से सजाया जाता है, जबकि प्रवेश द्वारों पर अक्सर रंग-बिरंगी रंगोली बनाई जाती है। परिवार के सदस्य एक साथ मिलते हैं, उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और उत्सव मनाते हैं। अलग-अलग देशों में रहकर दिवाली मनाने वाले परिवारों के लिए, पैसे भेजकर आप अपने प्रियजनों को उनकी पसंद का दिवाली उपहार चुनने की सुविधा दे सकते हैं।

देवी लक्ष्मी को समर्पित लक्ष्मी पूजा कई हिंदू परिवारों के लिए इस दिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह दिन रोशनी, अपनों के साथ और उत्सव की खुशियों से भरा होता है, फिर चाहे परिवार के सदस्य एक ही छत के नीचे साथ हों या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से एक-दूसरे से जुड़े हों।

दिन 4: गोवर्धन पूजा

चौथे दिन गोवर्धन पूजा के साथ उत्सव जारी रहता है।

यह दिन भगवान कृष्ण द्वारा अपने गाँव को भारी वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा की याद में मनाया जाता है। यह अवसर प्रकृति और उससे मिलने वाले आशीर्वाद के प्रति कृतज्ञता और सम्मान से जुड़ा है।

कुछ परंपराओं में गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है।

दिन 5: भाई दूज

दिवाली का पांचवां और अंतिम दिन भाई दूज होता है, जो भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव है।

परंपरागत रूप से, बहनें अपने भाइयों की आरती करती हैं और उनके माथे पर पवित्र तिलक लगाती हैं, जबकि भाई बदले में उन्हें उपहार दे सकते हैं। यह दिन पारिवारिक प्रेम, देखभाल और सुरक्षा की भावना पर केंद्रित होता है।

परिवार, कृतज्ञता और साथ के भाव को समर्पित पांच दिनों के उत्सव का समापन करने का यह एक सुंदर तरीका है।

चाहे पास हों या दूर, अपनों के साथ दिवाली मनाना

दीये जलाने और रंगोली बनाने से लेकर साथ मिलकर भोजन करने और उपहारों का आदान-प्रदान करने तक, दिवाली परिवारों और समुदायों को एक साथ लाती है।

और जब आपके कुछ प्रियजन आपसे हजारों किलोमीटर दूर हों, तब भी आप उनके उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं।

duwali family celebration

दिवाली के दौरान उपहार देना क्यों महत्वपूर्ण है?

उपहार देना दिवाली के उत्सव की एक प्रिय परंपरा है और परिवार व दोस्तों के प्रति प्यार, कृतज्ञता और सराहना व्यक्त करने का एक तरीका है। लोग अक्सर साथ मिलकर त्योहार मनाते हुए मिठाइयों, कपड़ों, सजावटी वस्तुओं और अन्य खास उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। दूर रहने वाले प्रियजनों को उपहार या पैसे भेजना भी उत्सव की खुशियाँ साझा करने का एक सार्थक तरीका हो सकता है, भले ही आप व्यक्तिगत रूप से उनके साथ मौजूद न हो सकें।

इस दिवाली Western Union के साथ अपने प्रियजनों को पैसे भेजें

चाहे आप परिवार के साथ दिवाली के उत्सव में अपना योगदान देना चाहते हों, प्रियजनों को दिवाली की तैयारियों में मदद करना चाहते हों या दूर रहकर उन्हें एक खास उपहार भेजना चाहते हों, Western Union आपको उनसे जुड़े रहने में मदद कर सकता है।

Western Union के साथ पैसे भेजें और आप जहां भी हों, अपने प्रियजनों की दिवाली की खुशियों का हिस्सा बनें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिवाली के पांच दिन हैं: धनतेरस, नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली, दिवाली और लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और भाई दूज। हर दिन की अपनी परंपराएं और विशेष महत्व है।

2026 में दिवाली का पांच दिवसीय उत्सव शुक्रवार, 6 नवंबर से मंगलवार, 10 नवंबर तक मनाया जाएगा। दिवाली का मुख्य दिन, जिसे लक्ष्मी पूजा के नाम से भी जाना जाता है, रविवार, 8 नवंबर 2026 को है।

2026 में दिवाली के पांच दिन 6 नवंबर से 10 नवंबर तक हैं:

  • धनतेरस: शुक्रवार, 6 नवंबर
  • नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली): शनिवार, 7 नवंबर
  • दिवाली (लक्ष्मी पूजा): रविवार, 8 नवंबर
  • गोवर्धन पूजा: सोमवार, 9 नवंबर
  • भाई दूज: मंगलवार, 10 नवंबर

तीसरा दिन दिवाली का मुख्य उत्सव होता है और यह लक्ष्मी पूजा से जुड़ा है। 2026 में यह दिन रविवार, 8 नवंबर को है।

दिवाली की तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर के बजाय हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार निर्धारित होती है, इसलिए इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है।

दिवाली को रोशनी के त्योहार के रूप में जाना जाता है और यह अंधकार पर प्रकाश तथा बुराई पर अच्छाई की जीत जैसे संदेशों से जुड़ी है।

परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन उत्सव में दीये जलाना, घरों को रोशनी और रंगोली से सजाना, उपहारों का आदान-प्रदान करना, परिवार के साथ समय बिताना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेना शामिल हो सकता है।

जब आप परिवार और दोस्तों के साथ व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं हो सकते, तो दिवाली पर पैसे भेजना उनके साथ त्योहार की खुशियाँ साझा करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। आपके प्रियजन अपनी सुविधा और ज़रूरत के अनुसार इन पैसों का उपयोग कर सकते हैं, चाहे वह त्योहार की तैयारी करने, उपहार खरीदने, खास भोजन का आनंद लेने या उत्सव मनाने के लिए हो। यह अलग-अलग जगहों पर रहते हुए भी दिवाली के उत्सव का हिस्सा बनने का एक आसान तरीका है।

यदि आप दिवाली के लिए पैसे भेज रहे हैं, तो 6 नवंबर 2026 को पांच दिवसीय त्योहार शुरू होने से पहले पैसे भेजने पर विचार करें, ताकि आपके प्रियजनों को उत्सव की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके। दिवाली के दौरान भारत में बैंक की छुट्टियां और खुलने का समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, जिससे कुछ बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। पैसे भेजने से पहले हमेशा अनुमानित डिलीवरी समय और पैसे प्राप्त करने के लिए प्राप्तकर्ता के पसंदीदा तरीके की जांच कर लें।